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मध्यप्रदेश में तेरहवीं विधानसभा के लिए आज भोपाल में शिवराज मंत्री मंडल
का गठन हो गया है | भोपाल में राजभवन में महामहिम राज्य पाल डॉ बलराम
जाखड ने इन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई | शिवराज मंत्री मंडल में १४
केबिनेट और ८ राज्य मंत्रियों को शामिल किया गया है | मंत्रियों के विभागों
का वितरण होना अभी बाकी है | शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री सहित
बीजेपी के वरिष्ठ नेता शामिल रहे | साथ ही शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य
रूप से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी और महामंत्री अरविन्द मालवीय
भी उपस्थित थे | मंत्री मंडल में 3 नए चेहरों को शामिल किया गया है |
भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे होने के कारण पिछली मंत्रीमंडल के कुछ
मंत्रियों को इस बार जगह नहीं दी गई है | वहीं दूसरी और कुछ मंत्रियों को
दोबारा मंत्रीमंडल में शामिल किया गया है |
मंत्रीमंडल के गठन को लेकर पिछले १० दिनों से गहमा गहमी का माहौल था |
इससे पूर्व ही प्रदेश चुनाव प्रभारी वेकैया नायडू और मुख्यमंत्री शिवराज
सिंह ने पहले ही साफ़ कर दिया था कि हर वरिष्ठ विधायक को मंत्री नहीं बनाया
जायेगा न ही हर किसी को मंत्री पद से नवाजा जायेगा |
कौन कौन हैं मंत्री :-
14 - केबिनेट मंत्री :- जयंत मलैया, जगदीश देवडा, बाबूलाल गौर, नागेन्द्र
सिंह, राघवजी, लक्ष्मीकांत शर्मा, अनूप मिश्रा, रामकृष्ण कुसमारिया,
गोपाल भार्गव, कैलाश विजयवर्गीय, अर्चना चिटनेस, गौरीशंकर बिसेन, जगन्नाथ
सिंह, और तुकोजी राव पवार |
8 - राज्य मंत्री :- देवीसिंह सैयाम, रंजना बघेल, हरिशंकर खटीक,
राजेन्द्र शुक्ला, पारस जैन, के. एल. अग्रवाल, करण सिंह वर्मा, और नारायण
कुशवाह |
मंत्रीमंडल में किनको नहीं मिली जगह :- मंत्रीमंडल के गठन के लिए शामिल
सूची के चलते बीजेपी के कई नेता खुश नहीं दिखे |वहीं दूसरी और मंत्री पद
को लेकर पहली बार प्रदेश भाजपा में विरोध के स्वर उठे हैं | बीजेपी सांसद
सरताज सिंह को मंत्रीमंडल में शामिल नहीं किये जाने पर उनके समर्थकों ने
प्रदेश बीजेपी कार्यालय और राजभवन में जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया
| दूसरी और अजय विश्नोई को भी मंत्रीमंडल में शामिल नहीं किये जाने पर
नाराज़गी रही | और वे मीटिंग से उठकर जबलपुर रवाना हो गए | मंत्री मंडल
में नरोत्तम मिश्रा, मोटी कश्यप, हरेंद्रजीत सिंह बब्बू, कमल पटेल और
विजय शाह को भी मंत्रीमंडल में शामिल नहीं किया गया | मंत्रीमंडल के गठन
को लेकर बीजेपी में विरोध के स्वर उठे हैं जो कि आने वाले चुनावों खासकर
लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए शुभ संकेत नहीं देते |
शिवराज के लिए नई चुनौतियां :- आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के लिए आगे नई चुनौतियां हैं | मुख्यमंत्री ने
अपने मंत्रिमंडल के गठन में जहाँ ३३ मंत्रियों की जगह सिर्फ २२ मंत्रियों
को ही शामिल किया है | दूसरी और कई नए चहरों को भी शामिल किया है | ऐसे
में किस मंत्री को कौन सा विभाग दिया जायेगा | यह शिवराज सिंह के लिए बड़ी
चुनौती है | दूसरी और लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र लगभग ५ अप्रैल से आचार
संहिता लग जायेगी | ऐसे में शिवराज सिंह के लिए ये सबसे बड़ी चुनौती होगी
कि इन अगले चार महीनो में उन्हें प्रदेश की जनता के सामने खरा उतरना है |
तभी लोक सभा चुनावों में बीजेपी को प्रदेश से कोई फायदा मिल सकता है |
इसके लिए मुख्यमंत्री को विभागों के बंटवारे में सावधानी बरतनी होगी |
क्या कहते हैं शिवराज :- मंत्रियों की शपथ के बाद मुख्यमंत्री शिवराज
सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बहुत सोच विशार कर यह फैसला
लिया गया है और मंत्रीमंडल का गठन किया गया है | यह अभी प्रथम चरण है तथा
विचार विमर्श के बाद मंत्रीमंडल का विस्तार दूसरे चरण में किया जायेगा |
मुख्यामंतरे ने बताया कि विभागों का वितरण आगामी दो तीन दिनों में कर दिया
जायेगा | बीजेपी में मंत्रीमंडल के गठन पर बनी विवादास्पद स्थिती के बारे
में पूछने पर उन्होंने कहा कि बीजेपी के सभी १४३ विधायक पूरी तरह से
सक्षम हैं लेकिन सभी कोमंत्री नहीं बनाया जा सकता | मोटे तौर पर सभी समाजों
का प्रतिनिधित्व हो ऐसा प्रयास किया गया है | उन्होंने यह भी कहा कि
अनुशासन हीनता बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं की जायेगी | हमें विकसित
मध्यप्रदेश बनाना है बिना समय गंवाएं हम काम पर जाना चाहते हैं | |