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जोंस। नाइजीरिया के प्लातेऊ प्रांत के
जोंस शहर में रविवार को हुई धार्मिक हिंसा में बड़ी संख्या में महिलाओं
और बच्चों समेत करीब 500 लोगों की मौत हो गई है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक जोंस शहर के पास स्थित ईसाई बहुल तीन गांवों
पर नजदीकी पहाड़ी पर रहने वाले लोगों ने छुरे से हमला किया। इस क्षेत्र
में स्थानीय मुसलमानों और इसाइयों के बीच हिंसा का इतिहास काफी पुराना
है। माना जा रहा है कि जनवरी में किए गए हमलों का बदला लेने के लिए यह
हमला किया गया है। ज्ञात्वय है कि जनवरी में जोंस में हुई हिंसा में सैकड़ों
लोग मारे गए थे।
घायलों का इलाज करने वाले डाक्टरों ने बताया कि ज्यादातर लोगों की हत्या
छुरे से की गई थी। इससे पहले अधिकारियों ने मृतकों की संख्या 100 बताई
थी। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में 10 से अधिक लोगों को
गिरफ्तार किया गया है। हालांकि हिंसा की इन घटनाओं को जातिगत हिंसा माना
जाता रहा है लेकिन कुछ लोग इसकी वजह गरीबी और और जमीन विवाद को बताते
हैं।
ईसाई बहुल वाले प्ला तेऊ प्रांत के अधिकारी डान मानजांग ने बताया कि
हिंसाग्रस्त जोट डोगो नहता गांव में मारे गए लोगों में अधिकांश महिलाएं
और बच्चे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस हिंसा में जोट गांव के अधिकांश
लोगों की मौत हो गई है।
डोगो नहता गांव के एक निवासी ने बताया कि हमलावरों ने लोगों को घरों से
बाहर निकालने के लिए गोलियां चलाई और जब लोग घरों से बाहर निकले तो
हमलावरों ने छुरों से उनकी हत्या की। इस बीच पुलिस कमिश्नर ग्रिगोरी
येंगलोंग ने लोगों से शांत रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने
क्षेत्र में जानमाल की सुरक्षा के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। |