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शिवराज
मंत्रीमंडल के मंत्रियों ने भाजपा सरकार की जितनी किरकिरी की है उससे
पार्टी का चाल-चरित्र व् चेहरा सामने अ गया है | पैसे और ताकत के मद में
चूर मंत्री और ताकतवर नेता अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचारों के आरोपों को
दरकिनार कर अपने आर्थिक दमख़म पर टिकिट पाने में सफल हुए है | मुद्दा
भ्रष्टचार का हो, गुंडागर्दी या फिर सरकारी नियमों की धज्जियाँ उडाने का,
हर ओर से मंत्रियों ने अव्वल नंबर हासिल किये है | कमल पटेल राज्य के
राजस्व मंत्री को अपने पुत्र के कारण सी.बी.आई. जांच का सामना करना पडा
है तो वहीं राज्य के पर्यटन मंत्री ने चुनाव पीठासीन महिला अधिकारी से
दुर्व्यवहार कर अपने राजनितिक चरित्र का परिचय दिया है | राज्य के
स्वस्थ्य मंत्री अजय विश्नोई हों या फिर राज्य मंत्री कबीर पंथी, सभी ने
अपने अपने स्टार पर राजनितिक चरित्र का परिचय देते हुए भाजपा संगठन की थू
थू कराई है | ऐसे में पार्टी ने इन दागदार नेताओं को चुनावी मैदान में
उतारकर अपनी फजीहत मोल ले ली है | दूसरी ओर बीजेपी के रणनीतिकार अलग अलग
मुद्दों पर अपनी सफाई देते नज़र आ रहे हैं | ऐसे में विकास पुरुष
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जादू कितना चल पायेगा, यह देखना
दिलचस्प होगा | किन्तु मंत्रियों की कारगुजारी का खामियाजा राज्य की
बीजेपी सरकार को भुगतना पड़ सकता है | |