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फल व सब्जियों पर मुनाफाखोरों का साम्राज्य

फल व सब्जियों में महंगाई के लिए कम उपज को कोसना बंद कीजिये। पिछले छह महीने के दौरान फल व सब्जियों का उत्पादन भी बढ़ा है और मंडियों में आवक भी। लेकिन प्याज, टमाटर व आलू से लेकर हरी सब्जियां और सेब से लेकर पपीता तक की कीमतें आम उपभोक्ता के हाथ जला रही हैं। फल व सब्जियों का बाजार मुनाफाखोरों के हाथ में है और सरकार पूरी तरह असहाय है। राष्ट्रीय हार्टीकल्चर बोर्ड के 973 बाजारों के ताजा आंकड़े केंद्र व राज्य सरकारों को आईना दिखा रहे हैं।...  विस्तृत...


'विकासशील देशों को और वित्त अधिकार मिलें'

दिल्ली जी-20 देशों के निर्णय को आगे बढ़ाते हुए भारत ने विश्व बैंक में विकासशील देशों को छह फीसद और मताधिकार स्थानांतरित करने की वकालत की। इस्तांबुल में विश्व बैंक की विकास समिति की एक बैठक के दौरान वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘‘हमें जी-20 में किए गए निर्णय को आगे बढ़ाना चाहिए और विकासशील देशों के लिए और छह फीसद मताधिकार के स्थानांतरण का लक्ष्य रखना चाहिए।’’ उन्होंने कहा विकासशील देशों को अधिक मताधिकार मिलने से ही विश्व बैंक के प्रशासन में समता लाई जा सकेगी।..   .विस्तृत...


महंगे क्रूड से आम आदमी को बचाएगी सरकार

ऐसा लगता है कि घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को निर्धारित करने की कोई ठोस नीति हाल-फिलहाल बनने वाली नहीं है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल [क्रूड] की कीमतें बेहद अस्थिर हैं और सरकार ऐसे हालात में तेल कंपनियों को कीमत निर्धारित करने की आजादी नहीं देना चाहती है। मंगलवार को राज्यसभा में पेट्रोल मूल्य वृद्धि पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं किया कि सरकार मूल्य निर्धारण की कोई नीति बनाएगी।...  विस्तृत...