|
हिमाचल
प्रदेश में रिलांयस कयुनिकेशन मोबाइल कपनी लगभग दो दर्जन ठेकेदारों के 25
करोड रुपए पर कुंडली मार कर बैठी हुई है। कपनी द्वारा कार्य करवाए जाने
के बाद इन ठेकेदारों के बिलों का भुगतान पिछले मार्च माह से नहीं किया गया
है। प्रदेश में इन दो दर्जन ठेकेदारों से रिलांयस कयुनिकेशन ने आपटिकल
फाइबर बिछाने, टावर स्थापित करने व रिटेनिंग वाल लगाने के लाखों रुपए के
कार्य करवाए। इन ठेकेदारों ने बैंकों से लाखों रुपए का कर्जा लेकर यह
कार्य करवाए, लेकिन कपनी अब उनकी पेमेंट रिलीज करने में कनी काट रही है।
हालांकि कपनी ने ठेकेदारों की उत राशि से अपना आधारभूत ढांचा मजबूत कर
लिया है। ठेकेदारों की हालत यह हो चुकी है कि पिछले कई माह से बैकों का
याज भरते-भरते वे मानसिक तनाव में आ चुके हैं। कई ठेकेदारों की हालत यह
हो गई है कि वे आत्महत्या करने की बात करने लगे हैं। रिलायंस से पंजीकृत
इन वेंडरज की ऐसोसियेशन के अध्यक्ष गिरजानंद शर्मा ने आटीएनएन को बताया
कि प्रदेश में लगभग दोदर्ज ऐसे ठेकेदार हैं जिनके कपनी ने लगभग ख्भ् करोड
रुपए की राशि का भुगतान करना है। उन्होंने बताया कि जिन ठेकेदारों ने कपनी
का कार्य किया है वे बहुत ही बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं। अध्यक्ष ने
कहा कि ऐसोसियेशन शिमला स्थित सीईओ के कार्यालय को घेरने के मुड में है।
उधर सीईओ राहुल चौधरी ने बताया कि इस मामले में वह कुछ भी नहीं कर सकते
हैं। उन्होंने आटीएनएन को उनके चंडीगढ कार्यालय में संपर्क करने की राय
दी जहां उनके प्रोजेट आफिसर बैठते हैं। जब वहां प्रोजेट आफिसर दिनेश शर्मा
से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ठेकेदारों की पेमेंट को लेकर कुछ
तकनीकी समस्या है। उन्होंने कहा कि जिन ठेकेदरों पे गुणवत्ताहीन कार्य
किया है, रिलांयस उनकी पेमेंट नहीं करेगा और जिनठेकेदारों ने गुणवत्ता
वाला कार्य किया है, उनकी पेमेंट जल्द ही करदी जाएगी। हालांकि ठेकेदारों
का कहना है कि उनके उपर कपनी गलत आरोप व आबजेक्षन लगाए जा रहे हैं। कंपनी
के इस बयान पर लगता है की ठेकेदारों को भुगतान न मिलने पर उनके और उनके
परिवार के जीवन/मरण का सवाल हो सकता है | |