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प्रेम एक शाश्वत अनुभूति है। इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है, कुचला या
मसला नहीं जा सकता।जिस तरह समंदर की बालीवुड शहंशाह अमिताभ बच्चन और
मशहूर फिल्म अदाकारा रेखा के बीच की प्रेम कहानी के किस्से जगजाहिर है।
रिश्तो की डोर में बंधे अमिताभ बच्चन ने जया बच्चन के चलते रेखा से उचित
दूरी बनाने में ही भलाई समझी। अमिताभ और जया की दो संताने हैं और दोनों
की शादी हो चुकी है। विश्वसुंदरी ऐश्वर्या राय उनकी पुत्र वधु बन चुकी
है। घर में एक मासूम नये मेहमान के आने की तैयार भी जोरों पर चल रही है।
ऐसे में फिल्म अभिनेत्री रेखा द्वारा ये बयान आने पर कि 'मैं आज भी
अमिताभ की दीवानी हूं। मेरी हर धत्रडकन में लंबू समाये हुए है। ठीक उसी
तरह से जैसे मीरा के दिल में मोहन थे।'
इस बात से फिल्मी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। रेखा ने
एक प्रैस कांफ्रैस के दौरान अमिताभ की तारीफ करके पुल बांध दिये और अंत
में दबी जुबान में वही कह दिया, जिसका सभी को बेस्र्री से इंतजार था। रेखा
कहती है मेरी हर सांस सिर्फ और सिर्फ अमिताभ के लिए है। इस जन्म में न सही
अगले जन्म में मैं उनकी पत्नी अवश्य बनूंगी। अवश्य मैडम! सच्चे दिल से की
गई अराधना के आगे इंसान तो क्या भगवान तक प्रकट हो जाते है। प्यार अंधा
होता है। वह समाज के रीति-रीवाज, जाति-धर्म, नाते-रिश्ते नहीं मानता।
चाहत के धागे बत्रडे नाजुक होते हैं ये कब टूट जायें, कब जुत्रड जायं पता
ही नहीं चलता। आपके दिल की पुकार सुनकर हमें तो एक गीत याद आ रहा है 'ये
धोखे प्यार के धोखे, मैंने दिल पे सहे हैं रो रो के, किसी से कोई प्यार न
करें...।' |