|
परमाणु-सौदे
पर सरकार को विश्वास-मत मिल पाएगा या नहीं, यह तो अगले हते ही पता चलेगा
लेकिन भारतीय लोकतंत्र का आंगन सौदे की काली परछाइयों से पट गया है। इस
सौदे को लेकर चल रही सौदेबाजियों ने भारतीय लोकतंत्र के चेहरे पर अनेक
आड़ी-तिरछी लकीरें खींच दी हैं। सबसे पहला प्रश्न तो यही है कि 7 जुलाई से
22 जुलाई तक जो सरकार केंद्र में रहेगी, उसकी ÷हैसियत' क्या है? क्या इस
सरकार को हम बहुमत की सरकार कह सकते हैं? वामदलों का समर्थन वापस होने के
बाद यदि दूसरे...
विस्तृत... |